शास्त्रों ने सुख-दुख को
सकारात्मक एवं नकारात्मक ऊर्जा के
जरिये परिभाषित
किया है,
जिसके अनुसार
घर में
सकारात्मक ऊर्जा आए तो सुख
एवं समृद्धि
का वास
होता है।
लेकिन इसके
विपरीत नकारात्मक
ऊर्जा जीवन
में उदासी
एवं बदहाली
लाती है।
मान्यतानुसार यदि सुबह-सुबह हथेली
देखते हुए
व्यक्ति साथ
में ही
किसी विशेष
मन्त्र का
ध्यान भी
करे तो
यह अतिरिक्त
लाभ प्रदान
करता है।
इसके अनुसार
हथेली देखते
हुए आप
ब्रह्माजी, मां लक्ष्मी जी या
फिर सरस्वती
जी के
भी किसी
भी मंत्र
का जाप
कर सकते
हैं।
हिन्दू धार्मिक मान्यताओं
के अनुसार
धरती को
माता के
रूप में
देखा जाता
है, यह
भूमि देवी
है इसलिए
यह आदरणीय
हैं। यही
कारण है
कि हमें
सुबह उठते
ही उन
पर पांव
रखकर उनका
निरादर नहीं
करना चाहिए।
इसलिए सबसे
पहले अपने
हाथ से
धरती का
स्पर्श करके
हथेली को
माथे से
लगाएं और
फिर इसके
बाद ही
अपना पांव
नीचे रखें।
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